cover

दुनिया का एक ऐसा शहर जहाँ पर लोग अपनी जिंदगी की गाड़ी दौड़ा रहे हैं और साथ मे दौड़ता हे ये शहर भी। जी हाँ मुंबई कहा जाने वाला ये शहर आज भी सपनों की नगरी माना जाता है।

आज हम बात करने वाले हे मुंबई की कुछ ऐसी जगहों की जहाँ अगर आप नहीं गए तो मुंबई में आपने कुछ नहीं देखा। यू तो कहा जाये तो बहोत सी ऐसी जगह मुंबई में हे जहां जाना लोग पसंद करते हे , लेकिन कुछ ऐसी खास जगह हे जहाँ मुंबई कुछ खास लगता है।

आज हम मुंबई की कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में जानकारी साझा करेंगे। यूँ तो आप मुंबई दर्शन पब्लिक ट्रांसपोर्ट से भी कर सकते हे जो आपको मुंबई के मुख्य स्थलों को कवर करते है।

गेट वे ऑफ़ इंडिया (Gateway of India): इस जगह को हमारे देश का प्रवेश द्वार कहा जाता है, और यह शहर की एक अलग ही पहचान कराता है। इसका निर्माण सन १९२४ में ब्रिटिश राज में किया गया था। इसके निर्माण के पीछे एक अलग ही उद्देश्य था इसे ब्रिटिश महाराज जॉर्ज वी की और महारानी मेरी के भारत आगमन पर उनके स्वागत हेतु बनाया गया था। गेटवे ऑफ इंडिया की इमारत का नक्शा एक प्रवेश द्वार यानी आगंतुकों के लिए समुद्री मार्ग से भारत आने के लिए एक प्रवेश द्वार था. गेटवे ऑफ इंडिया की नींव ३१ मार्च १९११ को रखी गई थी.

हाजी अली की दरगाह (Haji Ali Dargah): अरब सागर में स्थित धार्मिक जगहों में से एक यह हाजी अली दरगाह को माना जाता है। सागर के बीच में स्थित लगभग ५०० यार्ड्स की दूरी पर ये दरगाह है जो हिन्दू मुस्लिम एकता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

जुहू बीच(Juhu Beach): यह एक ऐसी जगह हैं जो मुंबई की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जगहों में से एक हैं, और यहाँ कई फ़िल्मी दुनिया के चमकते सितारों का बसेरा भी मौजूद है। कई लोग तो यह बीच देखने के लिये दूर दूर से आते हैं, सिर्फ इतना ही नहीं आसपास के लोग यहाँ टहलने को और समंदर से आने वाली ठंडी हवा का आनंद लेने के लिए आते है, उसके साथ ही कई लोग योगा और कसरत जैसी बहोत सारी एक्टिविटीस भी करते है।

मरीन ड्राइव (Marin Drive): मुंबई की सबसे खूबसूरत और अनोखी जगहों में से एक स्थान मरीन ड्राइव का भी है। मरीन ड्राइव को गिरगांव चौपाटी के नाम से भी जाना जाता है और यहाँ पर सुबह और शाम के वक्त लोग टहलते हुए दिख सकते है। अगर आप खान पान के शौक़ीन लोगो में से हैं तब तो आपको यहाँ बहोत आनंद आएगा, क्यों की आप यहाँ हाथ -गाड़ी पर अलग-अलग प्रकार के स्वादिस्ट खानपान का आनंद उठा सकेंगे । बड़े से लेकर बच्चो तक यहाँ पर आने के बाद सभी का मन प्रसन्न हो जाता है, इसी के साथ अन्य मनोरंजन के साधन भी यहाँ उपलब्ध होते है।

सिद्धिविनायक मंदिर (Siddhivinayak Temple): सिद्घिविनायक गणेश जी का सबसे लोकप्रिय रूप है। गणेश जी जिन प्रतिमाओं की सूड़ दाईं तरह मुड़ी होती है, वे सिद्घपीठ से जुड़ी होती हैं और उनके मंदिर सिद्घिविनायक मंदिर कहलाते हैं। किंवदंती है कि इस मंदिर का निर्माण संवत् १६९२ में हुआ था। मगर सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक इस मंदिर का १९ नवंबर १८०१ में पहली बार निर्माण हुआ था। सिद्धि विनायक का यह पहला मंदिर बहुत छोटा था। पिछले दो दशकों में इस मंदिर का कई बार पुनर्निर्माण हो चुका है। हाल ही में एक दशक पहले १९९१ में महाराष्ट्र सरकार ने इस मंदिर के भव्य निर्माण के लिए २० हजार वर्गफीट की जमीन प्रदान की। वर्तमान में सिद्धि विनायक मंदिर की इमारत पांच मंजिला है।

 

मुंबई एक प्राचीन शहर है, और यहाँ बहोत सी ऐसी जगहें हैं जो पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं जिसे एक लेख में हम पूर्ण नहीं कर पाएंगे।