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जैसे की आप सब ने हमारे मुंबई आर्टिकल में पढ़ा ही होगा के आखिर मुंबई लोगो की मन्दपसन्द जगहों मे से एक क्यों है । परंतु आज हम इस आर्टिकल मे आप सबको बतानेवाले हैं की मुंबई इतिहास से लेकर अब तक व्यवसाय में कैसे और कब ज्यादा बढ़ा और इसके क्या कारण है।

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मुंबई को एक महत्वपूर्ण बंदरगाह के रूप में स्थापित किया गया था और ब्रिटिश द्वारा भारत का प्रवेश द्वार स्थापित किया गया। यह हमेशा से पूरे देश में सभी वर्ग के लोगों को आकर्षित करता रहा है। सन १९९० के दशक के अंत तक, इसमें कई कंपनियां थीं जो वस्त्र और फार्मास्यूटिकल्स बनाती थीं।

मुंबई पहले से ही व्यापार करने के लिए बहोत ही उचीत माना जा रहा है, और इसका बहोत बड़ा कारण है बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange) जो की बहोत पुराना है पुरे एशिया मे। अगर किसी भी शहर को बड़ा व्यापारी केंद्र बनना है तो उसका स्टॉक मार्केट बड़ा होना जरुरी हे।

मुंबई ना की सिर्फ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज बल्कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज मे भी अग्रसर है, और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मे भी मुंबई ने अपना स्थान स्थापित किया हे। भारत का सब से बड़ा रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया भी मुंबई से ही ऑपरेट होता हे। पॉवरफुल फैसला करने की क्षमता और नए ट्रेंडिंग की शुरुवात भी यहाँ से करना मुमकिन हुआ है, इसी कारण मुंबई को ताकतवर इकनोमिक सेंटर के तौर पर देखा जाता हे।

यहाँ पर व्यापार करने के बहोत से फायदे हैं बाकि अन्य शहरो से ज्यादा दरवाजे है और आने जाने के लिए मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेने करोड़ो लोगो को एक जगह से दूसरी और अन्य जगहों पर ले जाने और लाने को सक्षम हे। मुंबई में पोर्ट द्वारा एक बड़ा योगदान है जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रवाह में मदद करता है।

पर्यटन, वस्त्र मिलों, बॉलीवुड, टेलीविजन उद्योग, संगीत उद्योग, निजी क्षेत्र कार्यालय, आईटी हब, स्टॉक मार्केट, "डब्बा" वालस, मीडिया प्रोडक्शन हाउस, रेलवे, फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थ केयर, आयात-निर्यात, मंत्रालयराय, राजनीति केंद्र, होटल उद्योग, त्योहार, आदि जैसे बहोत सी इंडस्ट्रीज यहाँ मौजूद है।

अगर मेरी मने तो मुंबई भारत के लिए वो जगह हे जो दुनिया के लिए अमेरिका।